Rajasthan ka samanya parichay in Hindi | Rajasthan Geography notes

Rajasthan ka samanya parichay in Hindi राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2021 ( RAS 2021 ) मे राजस्थान भूगोल विषय सबसे महत्वपूर्ण विषय है। राजस्थान मे इस भूगोल मे सबसे महत्वपूर्ण ओर सबसे पहला टाॅपिक Rajsthan ka samany Parichay in hindi है जो आपको समझना काफी जरूरी है। अगर राजस्थान के परीक्षाओं की बात करे तो इस टाॅपिक मे से काफी ज्यादा सवाल आते है। इस टाॅपिक मे उन महत्वपूर्ण सवालो को भी कवर करेंगे ओर इस टाॅपिक के बारे मे समझेंगे।

राजस्थान के प्राचीन नाम – राजपूताना, रायथाना, राजस्थान इत्यादि ( Rajasthan ka samanya parichay in Hindi )

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Rajasthan ka samanya parichay in Hindi

प्राचीन नाम – वर्तमान नाम

  1. श्रीपंथ – बयाना
  2. सत्यपुर – सांचोर
  3. विराट – बैराठ 
  4. अहिछत्रपुर – नागोर
  5. कोठी – धौलपुर
  6. अजयमेरु – अजमेर
  7. कोंकण तीर्थ – पुष्कर
  8. मध्यमिका – नगरी 
  9. आलौर – अलवर
  10. कान्ठल – प्रतापगढ
  11. खिज्राबाद – चित्तोड़गढ़ 
  12. भटनेर – हनुमानगढ
  13. जयनगर – जयपुर
  14. श्रीमाल – भीनमाल
  15. उपकेश पट्टन – ओसियां
  16. ब्रज नगर – झालरा पाटन 
    रामनगर – गंगानगर
  17. गोपालपाल – करौली
  18. मांड – जैसलमेर
  19. ताम्रवती नगरी – आहड़ 

प्राचीन भौगोलिक क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति ( Current state of ancient geographic areas )Rajasthan ka samanya parichay in Hindi

  • जांगल देश ( Wild country ) – बीकानेर और जोधपुर जिले का उत्तरी भाग
  • गिरवा-  उदयपुर में चारों ओर पहाड़ियां होने के कारण उदयपुर की आकृति एक तश्तरीनुमा बेसिन जैसी है जिसे स्थानीय भाषा में गिरवा कहते हैं।
  • यौद्धेय – हनुमानगढ़ और गंगानगर के आसपास का क्षेत्र
  • गोडवाड – दक्षिण पूर्वी बाड़मेर, पश्चिमी सिरोही, जालौर
  • अहिछत्रपुर-  नागौर
  • ढूंढाड़ – जयपुर में आसपास का क्षेत्र, दौसा
  • राठ- अलवर जिले का हरियाणा राज्य से लगता क्षेत्र
  • शेखावाटी – चूरू, सीकर, झुंझुनू जिले
  • कुरु देश – अलवर जिले का उत्तरी भाग
  • आर्बुद व चंद्रावती –  सिरोही व आबू के आसपास का क्षेत्र
  • मांड या वल्लभ देश-  जैसलमेर
  • वागड या वाग्वर – डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़
  • मेवल- डूंगरपुर बांसवाड़ा के मध्य का भाग
  • मरुवार या मारवाड़ – जोधपुर व आसपास का क्षेत्र
  • मेवात-  अलवर व आसपास का प्रदेश
  • हाडोती –  कोटा, बूंदी, झालावाड़ व बारां जिले
  • तोरावाटी –  शेखावाटी मैं कांतिली नदी का अपवाह क्षेत्र जहां प्रारंभ में तवर या तोमर वंशीय शासकों का अधिपत्य रहा
  • बांगड़ या बांगर –  पाली, नागौर, सीकर, व झुंझुनू जिले का कुछ भाग ( लूनी नदी का अपवाह क्षेत्र )
  • मत्स्य – अलवर, भरतपुर, धौलपुर व करौली
  • मेरु – अरावली पर्वतीय प्रदेश
  • गुर्जरत्रा – जोधपुर जिले का दक्षिणी भाग( मंडोर )
  • मेरवाड़ा –  अजमेर व राजसमंद जिले का दिवेर क्षेत्र
  • खेराड व मालखेराड –  भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर तहसील व टोंक जिले का अधिकांश भाग
  • मालव देश –  प्रतापगढ़, झालावाड़
  • थली – बीकानेर, चूरू का अधिकांश भाग एवं दक्षिणी गंगानगर की मरुस्थलीय भूमि
  • भोमट क्षेत्र – डूंगरपुर, पूर्वी सिरोही, उदयपुर जिले का अरावली पर्वतीय आदिवासी क्षेत्र
  • सालव प्रदेश – अलवर का क्षेत्र
  • भोराठ का पठार – उदयपुर जिले की गोगुंदा व राजसमंद जिले की कुंभलगढ़ तहसीलों का क्षेत्र,  कुंभलगढ़ व गोगुंदा के मध्य का पठारी भाग।  
  • लसाडिया का पठार – उदयपुर में जयसमंद से आगे कटा फटा पठारी भाग।
  • देशहरो – उदयपुर में जरगा (उदयपुर) व रागा (सिरोही) पहाड़ियों के बीच का क्षेत्र सदा हरा भरा रहने के कारण देशहरो कहलाता है।
  • मगरा –  उदयपुर का उत्तरी पश्चिमी पर्वतीय भाग मगरा कहलाता है।
  • उपरमाल –  चित्तौड़गढ़ के भैेसरोडगढ से लेकर भीलवाड़ा के बिजोलिया तक का पठारी भाग उपरमाल कहलाता है।
  • नाकोड़ा पर्वत/ छप्पन की पहाड़ियां – बाड़मेर के सिवाना ग्रेनाइट पर्वतीय क्षेत्र में स्थित गोलाकार पहाड़ियों का समूह नाकोड़ा पर्वत या छप्पन की पहाड़ियां कहलाती है।
  • छप्पन का मैदान – बांसवाड़ा व प्रतापगढ़ के मध्य का भाग छपन का मैदान कहलाता है। यह मैदान माही नदी बनाती है।
  • कांठल –  माही नदी के किनारे-किनारे प्रतापगढ़ का भूभाग कांठल कहलाता है। इसलिए माही नदी को काठल की गंगा कहते हैं।
  • भाखर/भाकर – पूरी सिरोही क्षेत्र में अरावली की तीव्र ढाल वाली उबड़-खाबड़ पहाड़ियों का क्षेत्र भाखर/भाकर कहलाता है।
  • खेराड – भीलवाड़ा व टोंक का वह क्षेत्र जो बनास बेसिन में स्थित है।
  • मालानी – जालौर और बालोतरा के मध्य का भाग।
  • देवल/मेवलिया – डूंगरपुर व बांसवाड़ा के मध्य का भाग।
  • लिटलरण – राजस्थान में कच्छ की खाड़ी के क्षेत्र को लिटलरण कहते हैं।
  • माल खेराड़ – ऊपर माल व खेराड़ क्षेत्र संयुक्त रुप में माल खेराड़ कहलाता है।
  • पुष्प क्षेत्र – डूंगरपुर व बांसवाड़ा संयुक्त रुप से पुष्प क्षेत्र कहलाता है।
  • सुजला क्षेत्र – सीकर, चूरू व नागौर संयुक्त रुप से सुजला क्षेत्र कहलाता है।
  • मालवा का क्षेत्र – झालावाड़ व प्रतापगढ़ संयुक्त रुप से मालवा का क्षेत्र कहलाता है।
  • धरियन – जैसलमेर जिले का बालुका स्तूप युक्त क्षेत्र जहां जनसंख्या “न” के बराबर है। यह क्षेत्र धरियन कहलाता है।
  • भोमट – डूंगरपुर पूरवी सिरोही व उदयपुर जिले का आदिवासी प्रदेश भोमट कहलाता है।
  • कूबड़ पट्टी – नागौर के जल में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होती है जिससे शारीरिक विकृति होने की संभावना हो जाती है। इसीलिए इस क्षेत्र को कुबड़ पट्टी के नाम से जाना जाता है।
  • लाठी सीरीज क्षेत्र ( Blackjack Series Area )- जैसलमेर में पोकरण से मोहनगढ़ तक पाकिस्तानी सीमा के सहारे विस्तृत एक भूगर्भीय मीठे जल की पेटी है। इस लाठी सीरीज के ऊपर सेवण घास उगती है।
  • बागड़/बांगर- शेखावटी व मरुप्रदेश के मध्य संकरी पेटी।
  • वागड़ – डूंगरपुर व बांसवाड़ा का क्षेत्र।
  • बीहड़/डांग/खादर- चंबल नदी सवाई माधोपुर करौली धौलपुर में बड़े-बड़े गड्ढों का निर्माण करती है। इन गड्ढों को बीहड़/डांग/खादर नाम से पुकारा जाता है। सर्वाधिक बीहड़ धौलपुर में है।
  • शुरसेन – भरतपुर, धौलपुर, करौली।
  • ढूंढाड़  – जयपुर के आसपास का क्षेत्र।
  • गुजर्राजा – जोधपुर का दक्षिण का भाग।
  • माल/वल  – जैसलमेर
  • अरावली – आडवाल।

Important Question for Rajasthan ka samanya parichay in Hindi

Q1 – राजस्थान के प्राचीन नाम ?

राजस्थान के प्राचीन नाम – राजपूताना, रायथाना, राजस्थान इत्यादि ( Rajasthan ka samanya parichay in Hindi )

Q2 – Rajasthan ka samanya parichay in Hindi

Rajasthan ka samanya parichay in Hindi राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2021 ( RAS 2021 ) मे राजस्थान भूगोल विषय सबसे महत्वपूर्ण विषय है। राजस्थान मे इस भूगोल मे सबसे महत्वपूर्ण ओर सबसे पहला टाॅपिक Rajsthan ka samany Parichay in hindi है जो आपको समझना काफी जरूरी है। अगर राजस्थान के परीक्षाओं की बात करे तो इस टाॅपिक मे से काफी ज्यादा सवाल आते है। इस टाॅपिक मे उन महत्वपूर्ण सवालो को भी कवर करेंगे ओर इस टाॅपिक के बारे मे समझेंगे।

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